प्रेम

Author :Dada Bhagwan Kathit
Book Language :Hindi
category: Vision
Description:सच्चा प्रेम हम किसे कहते है? सच्चा प्रेम तो वह होता है जो कभी भी कम या ज़्यादा ना हो और हमेशा एक जैसा बना रहे| हमें लगता है कि हमें हमारे आसपास के सभी लोगो पर बहुत प्रेम है पर जब भी वह हमारे कहे अनुसार कुछ नहीं करते तो हम तुरंत ही बहुत गुस्सा हो जाते है| पूज्य दादाभगवान इसे प्रेम नहीं कहते| वह कहते है कि यह सब तो सिर्फ एक भ्रान्ति ही है| सच्चा प्रेम तो वह होता है जिसमें किसी भी प्रकार कि अपेक्षा नहीं होती और जो सबके साथ हर समय और हर परिस्तिथि में एक जैसा बना रहता है| ऐसा सच्चा प्रेम तो बस एक ज्ञानी ही कर सकते है जिन्हें लोगो में कोई भी भेदभाव मालूम नहीं होता और इसलिए उनका व्यवहार सबके साथ बहुत ही स्नेहपूर्ण होता है| फिर भी हम थोड़ी कोशिश करे तो, ऐसा प्रेम कुछ अंश तक हमारे अंदर भी जगा सकते है| यह सब कैसे संभव है, यह जानने के लिए अवश्य पढ़े यह किताब और अपने जीवन को ‘प्रेममय’ बनाइये|

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HinduKranti is an online e-magazine, which Provides Updates on News, Politics, History, Religion. Its main aims to present the true facts of Indian glory which is not mentioned in our textbook. हिंदूक्रांति एक ऑनलाइन ई-पत्रिका(e-magazine) है, जो समाचार, राजनीति, इतिहास, धर्म पर अपडेट प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय गौरव के सत्य तथ्यों को प्रस्तुत करना है जिनका उल्लेख हमारी पाठ्य पुस्तक में नहीं है।

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